Haridwar Kumbh 2027 Devbhoomi Uttarakhand
Pahaad Connection
Breaking News
Breaking Newsउत्तराखंड

राज्यपाल ने की “वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च” के अंतर्गत किए जा रहे शोध कार्यों पर चर्चा

Advertisement

देहरादून 27 मार्च। कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को राजभवन में राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान राज्यपाल ने “वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च” के अंतर्गत किए जा रहे शोध कार्यों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों द्वारा शोध एवं पेटेंट कराए जाने पर बल देते हुए सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि लगातार शोध कार्यों पर फोकस किया जाए। विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एक शोध पूर्ण होने से पहले, अगले शोध कार्य के लिए तैयारियां कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसंधानात्मक शिक्षा पद्धति किसी राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके लिए अधिक से अधिक शोध कार्य कराए जाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा शोध कार्यों के लिए बजट बढ़ाए जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा अपनी उपलब्धियों और शोध कार्यों की जानकारी सभी के साथ साझा किए जाने पर बल दिया। कहा कि इन अनुसंधानों से अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकेगा, जो जन कल्याण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने प्रदेश में “चांसलर ट्रॉफी” के रूप में प्रत्येक वर्ष एक अंतर्विश्वविद्यालयी खेल प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से प्रदेश में युवा खेलों के प्रति जागरूक होंगे, उनकी खेलों के प्रति रूचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अभी-अभी प्रदेश में राष्ट्रीय खेल सम्पन्न हुए हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से खेल के लिए तैयार की गई आधारभूत संरचनाओं का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने “चांसलर ट्रॉफी” में लोकप्रिय खेलों को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को यूजीसी अधिनियम की धारा 12बी के तहत केंद्रीय सहायता (यूजीसी अनुदान) के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और रोबोटिक्स, आधुनिक तकनीकों के प्रयोग पर बल दिया। बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों की समस्याओं और उनके निराकरण पर भी चर्चा की। इस अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन में “वातायनः राष्ट्रवादी सिख की जीवन यात्रा” नामक पुस्तक के द्वितीय खण्ड का विमोचन किया। यह पुस्तक राज्यपाल के जीवन यात्रा पर आधारित हैं एवं पूर्व में इस पुस्तक के प्रथम भाग का विमोचन किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक के लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि साहित्य, सृजन एक साधना के समान होता है जिसमें धैर्य और अनुशासन की आवश्यकता होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक पाठकों को भारतीय संस्कृति, सेना के मूल्यों और राष्ट्र सेवा की भावना को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर सचिव राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रो. मनमोहन सिंह चौहान, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रो. एन.के. जोशी, कुलपति उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय एवं एच.एन.बी. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार प्रो. परविंदर कौशल, कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो. ओ.पी.एस. नेगी, अपर सचिव श्री राज्यपाल श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Advertisement
Advertisement

Related posts

एसएसपी अल्मोड़ा के निर्देश पर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद

pahaadconnection

कांग्रेस ने महिला विरोधी मानसिकता के चलते उत्तराखंड में एक भी महिला को नहीं दिया टिकट : मुख्यमंत्री

pahaadconnection

देहरादून में ड्रोन से भी करेगी पुलिस पेट्रोलिंग

pahaadconnection

Leave a Comment