चम्पावत/देहरादून। उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी ने आज एनएचपीसी सभागार, बनबसा (चम्पावत) में आयोजित जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला में महिला स्वयं सहायता समूहों/Cluster Level Federation की महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे विविध हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों, नवाचारों और स्वरोज़गार की दिशा में उनके सतत प्रयासों को करीब से देखने और समझने का अवसर विशेष रूप से सुखद रहा।
कार्यक्रम के दौरान सरिता देवी, शांति देवी, पूजा, कंचन और अन्य बहनों से वार्ता की। उनके द्वारा नमकीन निर्माण, डेयरी कार्य, सौंदर्य सेवाओं, वित्तीय सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों को सुनकर हृदय गर्व से भर उठा। संवाद के दौरान यह भी जानकर प्रसन्नता हुई कि अनेक बहनें आज अपने-अपने हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों का निर्माण कर स्वरोज़गार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रही हैं। उनकी कार्यकुशलता, निरंतर सीखने की भावना और लगातार बढ़ती आजीविका वास्तव में प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ‘लखपति दीदी योजना’, महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराने की पहल एवं आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण हेतु चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं वास्तव में जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय प्रभाव डाल रही हैं। Sewa Sankalp Foundation की ओर से महिलाओं को उपहार सामग्री भेंट कर प्रोत्साहित भी किया। महिला शक्ति के इस अद्भुत उत्साह, समर्पण और प्रगति को नमन करती हूँ। कार्यशाला में महिलाओं द्वारा किए गए आत्मीय व स्नेहपूर्ण स्वागत से हृदय अभिभूत है। समस्त मातृशक्ति के इस स्नेह, सम्मान और अपनत्व के लिए हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।
जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन
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