रुद्रप्रयाग, 11 अप्रैल.जनपद अंतर्गत चाईल्ड हेल्पलाइन रुद्रप्रयाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि ऊखीमठ के सुदूरवर्ती क्षेत्र राउलेख में दो बालिकाएं आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति में हैं तथा परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उनकी आगे की पढ़ाई संभव नहीं हो पा रही है। सूचना मिलते ही चाईल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र सिंह रावत एवं उनकी टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि एक विधवा महिला अपनी पाँच बेटियों के साथ दूसरे गांव में किराए के मकान में रहकर अत्यंत दयनीय एवं कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही है। इसी परिवार की एक 14 वर्षीय बालिका कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसे चाईल्ड हेल्पलाइन द्वारा स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ा गया था। दुर्भाग्यवश उपचार के दौरान कुछ माह पूर्व उस बालिका का निधन हो गया, जिसके बाद परिवार पर और अधिक कठिनाइयाँ आ गई। परिवार की गंभीर आर्थिक स्थिति और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए चाईल्ड हेल्पलाइन द्वारा दो बालिकाओं को संरक्षण हेतु SOS Children’s Villages India बौराड़ी, टिहरी गढ़वाल भेजने का निर्णय लिया गया। इसके पश्चात बाल कल्याण समिति एवं बाल संरक्षण इकाई के समन्वय से दोनों बालिकाओं को विधिवत रूप से SOS चिल्ड्रन विलेज इंडिया में सुरक्षित संरक्षण हेतु भेजा गया, जहाँ उनके पालन-पोषण एवं शिक्षा की उचित व्यवस्था की जाएगी। यह कार्रवाई बच्चों के सुरक्षित भविष्य एवं संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बेसहारा बच्चों को मिला सहारा
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