चम्पावत। आगामी 29, 30 एवं 31 मई 2026 को आयोजित होने वाले पारंपरिक जोड़ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुद्वारा साहिब रीठा परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत एवं आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि जोड़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई को यात्रा मार्गों का शीघ्र सुधारीकरण करते हुए सड़क को पूर्णतः गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही मार्गों पर आवश्यक साइनैज एवं आपातकालीन संपर्क नंबरों से युक्त सूचना बोर्ड स्थापित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग के संवेदनशील एवं स्लाइड जोन क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मार्ग सुचारु किया जा सके। मार्गों के किनारे झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई तथा रात्रिकालीन आवागमन को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
विशेष आवश्यकता वाले एवं लंगर (सेवा) वाहनों को नियमानुसार अनुमति दी जाएगी। साथ ही 28 मई से 31 मई तक अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश परिवहन विभाग को दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस बल की तैनाती, पुलिस चेक पोस्ट स्थापना, फायर टेंडर एवं जल पुलिस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग स्थलों का सुव्यवस्थित संचालन एवं भीड़ नियंत्रण के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र एवं यात्रा मार्ग में चिकित्सा राहत केंद्र एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं लंगर स्थलों पर शुद्ध पेयजल एवं शौचालयों की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
#जल_संस्थान को पेयजल व्यवस्था, #सिंचाई_विभाग को स्नान व्यवस्था तथा विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बस स्टेशन से गुरुद्वारा साहिब तक नालियों की सफाई एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
इस वर्ष भी मेले के संचालन में पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मेला क्षेत्र में ऊर्जा स्रोत के रूप में “पिरुल ब्रिकेट” का उपयोग किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 20 मई तक सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जोड़ मेला–2026 का आयोजन सुरक्षित, स्वच्छ एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
बैठक में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य, उप जिलाधिकारी नितेश डागर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला विकास अधिकारी दिनेश डिगारी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान आर.पी. डोबवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
