Haridwar Kumbh 2027 Devbhoomi Uttarakhand
Pahaad Connection
Breaking News
Breaking Newsउत्तराखंडसोशल वायरल

शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने किया नव उच्चीकृत विद्यालयों का ई-लोकार्पण

Advertisement

देहरादून, 16 अक्टूबर। सूबे के छात्र-छात्राओं को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत नव उच्चीकृत 62 विद्यालयों का आज विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज वर्चुअल माध्यम से ई-लोकार्पण किया। इसके साथ ही इन सभी उच्चीकृत विद्यालयों में बड़ी कक्षाओं का संचालन विधिवत शुरू हो गया है। विद्यालयों के उच्चीकरण से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को अब घर से दूर पढ़ने को नहीं जाना पड़ेगा बल्कि उन्हें अब अपने ही विद्यालयों में गुणवत्तपूर्ण शिक्षा मिल सकेगी, साथ ही प्रदेश की ड्राॅपआउट दर में भी कमी आयेगी। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब के स्टूडियो से आज विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने नव उच्चीकृत 62 विद्यालयों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गुणवत्तपरक शिक्षा के विस्तार को लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेशभर के 62 विद्यालयों का उच्चीकरण किया, जिसमें 8 हाईस्कूल स्तर तथा 54 इण्टरमीडिएट स्तर के विद्यालय शामिल है। जिसमें पौड़ी व चमोली जनपद में 4-4, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जनपद में 3-3, टिहरी व बागेश्वर में 5-5, हरिद्वार 7, नैनीताल 6 तथा चम्पावत व ऊधमसिंह नगर जिले में 8-8 विद्यालय शामिल है। विभागीय मंत्री ने कहा कि इन विद्यालयों के उच्चीकरण के लिये स्थानीय लोग व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा लम्बे समय से मांग की जा रही थी, यहां तक कि पिथौरागढ़ के जिबली और चमोली के मानमती में विद्यालयों के उच्चीकरण के लिये आम लोगों को धरने पर भी बैठना पड़ा। इन सभी लोगों की मांगों को राज्य सरकार ने पूरा कर लिया है और अब इन विद्यालयों में बड़ी कक्षाओं का विधिवत संचालन भी शुरू हो गया है। डाॅ. रावत ने कहा कि उच्चीकृत कक्षाओं के लिये छात्र-छात्राओं के प्रवेश शुरू कर दिये गये हैं, अब कोई भी बच्चा आगे की पढ़ाई के लिये अपने घर से दूर नहीं जायेगा। उन्हें अपने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।  कार्यक्रम में डाॅ. रावत ने कहा कि विद्यालयों के उच्चीकरण से जहां बच्चों को बड़ी कक्षआों में अध्ययन का मौका मिलेगी वहीं प्रदेश की ड्राॅपआउट दर में भी कमी आयेगी। डाॅ. रावत ने मुख्य शिक्षा अधिकारियों को उच्चीकृत विद्यालयों में फर्नीचर और शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारयों को इण्टर तक ड्रापआउट दर शून्य करने तथा हाईस्कूल व इंटर में शतप्रतिशत रिजल्ट के लिये ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देष भी दिये। कार्यक्रम में विधायक थराली भोपाल राम टम्टा, विधायक गंगोत्री सुरेश चैहान, सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, निदेशक एससीईआरटी वंदना गब्र्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप निदेशक जे.पी. काला, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जायसवाल, वित्त नियंत्रक विरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों सहित 150 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों, स्थानीय विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement

Related posts

मुख्यमंत्री ने किया अग्निशमन सेवा सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

pahaadconnection

स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति असंवेदनशील है डबल इंजन की सरकार

pahaadconnection

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इंडी गठबंधन पर किया हमला, कांग्रेस को लिया आड़े हाथ

pahaadconnection

Leave a Comment