चमोली। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में धामी सरकार के अंतिम सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। दो दिवसीय सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन पहुंचने पर विधायकों और अन्य लोगों ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधानसभा सत्र के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं को याद किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व को शब्दों में व्यक्त कर पाना कठिन है। उनका राजनीतिक जीवन पांच दशक से अधिक का रहा। उन्होंने अपने कर्मों और विचारों से उत्तराखंड के जनमानस में अपनी अलग पहचान बनाई और पूरे प्रदेश की आवाज को एक दिशा दी। आर्य ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को आगे बढ़ाने में भी खंडूड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सुशासन, प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता की नई परिभाषा गढ़ी। सदन में मंत्री सतपाल महाराज ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के बेहद पाबंद थे। रिखणीखाल के एक कार्यक्रम में बारिश के बावजूद वह समय पर पहुंचे थे, जबकि जनता छाता लेकर खड़ी थी। महाराज ने कहा कि खंडूड़ी का मानना था कि पहाड़ में सड़क सबसे अहम है। उत्तराखंड में उन्हें ‘रोड मैन’ के नाम से जाना जाता है। इससे पहले उन्होंने विधानसभा भवन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके कक्ष में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से भी शिष्टाचार भेंट की। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से शिष्टाचार भेंट की। भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर 7,400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट रखा।
उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना, कुंभ मेले के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और खेल समेत कई क्षेत्रों के लिए धनराशि रखी गई है। ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों को राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 721 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये तथा अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ और कुंभ मेले में अवस्थापना विकास कार्यों के लिए 290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़, नवीन स्टेट डेटा सेंटर के लिए 40 करोड़ और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ और गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान है। कल्याणकारी पेंशन के लिए 93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र में खुरपिया फार्म परियोजना की विद्युत व्यवस्था के लिए 270 करोड़ तथा पिथौरागढ़, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। ऋषिकेश स्थित मदन मोहन प्राच्य संस्थान की स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये रखे गए हैं, जहां ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान और अध्यात्म के अध्ययन को बढ़ावा दिया जाएगा। खेलों के लिए खेल विश्वविद्यालय को 35 करोड़, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत को 10 करोड़ और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों के पुरस्कार के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नंदा देवी राजजात योजना के लिए 20 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 28 करोड़, किसान पेंशन योजना के लिए नौ करोड़ और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए दो करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और सड़कों की मरम्मत के लिए 61 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
