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जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहे आरआरआर सेंटर

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देहरादून । देहरादून शहर में संचालित किये जा रहे रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज सेंटर का मेयर ने स्थलीय निरीक्षण किया। इन केंद्रों पर पुराने कपड़े, खिलौने और जूते चप्पल जमा किए जा रहे हैं। जिनको पाकर दून के जरूरतमंद बच्चों और लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ रही है। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने सभी निकायों में आरआरआर सेंटर खोले जाने के निर्देश दिए थे। देहरादून में ये केंद्र बनाए गए हैं। स्थानीय और सक्षम लोगों ने भी इन केंद्रों को सेवा का अच्छा माध्यम बनाया है। रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (आरआरआर) सेंटरों पर कोई भी व्यक्ति अपनी गैर जरूरी वस्तुओं जैसे पुराने जूते-चप्पल, किताब, बोतल, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बक्से, प्लास्टिक की वस्तुएं, खिलौने आदि जमा कर सकते हैं। जरूरतमंद इन सेंटर से अपनी आवश्यकता के हिसाब से सामान ले जा सकेंगे। इसके साथ ही इन अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी वस्तुएं भी बनवाई जाएंगी।
आज ‘धर्मपुर विधानसभा’ के अंतर्गत ‘इन्द्रपुरी फार्म, मोथरोवाला’ में ‘एक उत्थान एक प्रयास स्वालंबन महिला समिति’ व ‘नगर निगम, देहरादून’ द्वारा संचालित रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज आरआरआर सेंटर का मेयर सौरभ थपलियाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती हेमा परिहार ने मेयर को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया साथ ही बताया कि नगर निगम देहरादून द्वारा चलाया गया आरआरआर सेंटर में 4 साल से निरंतर क्षेत्रवासियों के लिए काम किया जा रहा है, जिसमे कई परिवारों से अनुपयोग किताब कॉपी किताब, कपड़े , जूते, खिलौने इत्यादि इस समिति के माध्यम से एकत्रित कर जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है। “स्वयं सहायता समूहों की बहनें व मातृशक्ति समाज की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल अपने परिवारों की स्थिति को बेहतर बनाया है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लिए भी प्रेरणा का कार्य किया है। इन समूहों के माध्यम से मातृशक्ति न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि समाज में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं।” इस अवसर पर नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल, आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती हेमा परिहार, समिति की सदस्य श्रीमती चंद्रकला गुरूंग, श्रीमती भानु गुरूंग, श्रीमती भुवनेश्वरी रावत, श्रीमती लता सेमवाल, श्रीमती सुनीता तमांग, श्रीमती बरमा लिंबू सहित स्वयं सहायता समूह की बहनें व मातृशक्ति उपस्थित रही।

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