Pahaad Connection
Breaking News
Breaking Newsउत्तराखंड

राज्यपाल ने दी प्रदेशवासियों को रजत जयंती की बधाई

Advertisement

देहरादून 08 नवम्बर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 25 वर्ष की गौरवशाली विकास यात्रा का महोत्सव है और हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारी यह यात्रा संकल्प, परिश्रम और सफलता की रही है। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जननायकों को हृदय से नमन किया जिनके त्याग और संघर्ष से उत्तराखण्ड राज्य का स्वप्न साकार हुआ। राज्यपाल ने कहा कि संभावनाओं और सामर्थ्य से ओत-प्रोत युवा उत्तराखण्ड ने राज्य गठन से लेकर अब तक विकास की नित नई ऊँचाइयां छुई हैं। चाहे अर्थव्यवस्था का विस्तार हो, बुनियादी सुविधाओं का विकास हो या जन-कल्याण की योजनाएं हों। उत्तराखण्ड ने इन 25 वर्षों में निरंतर प्रगति करते हुए जन-भागीदारी और सुशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे राज्य ने विगत वर्षों में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का प्रथम राज्य बना है। भू-कानून, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे कदमों से शासन व्यवस्था सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने हाल ही के वर्षों में जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और राष्ट्रीय खेलों जैसे आयोजनों से अपनी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान सशक्त की है। इन सफल आयोजनों ने राज्य की सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक और खेल क्षमताओं को प्रदर्शित करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में उत्तराखण्ड की भूमिका को और सुदृढ़ किया है। राज्यपाल ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि जब हम आधुनिक विकास की राह में आगे बढ़ें, तो अपनी संस्कृति और परंपरा की जड़ों से भी अवश्य जुड़े रहें। विकास के साथ विरासत- यही विकसित उत्तराखण्ड का नया मंत्र है। उन्होंने कहा कि हम सब संकल्प लें कि हम वही उत्पाद खरीदेंगे, जो मेड इन इंडिया हो, जिसमें किसी भारतीय का परिश्रम जुड़ा हो। स्वदेशी का यह मंत्र ही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में शीतकालीन यात्रा, होम-स्टे योजना, वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कार्यक्रम विकास को नई ऊर्जा दे रहे हैं। आज होम-स्टे से लेकर जैविक खेती, बागवानी, शहद उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती और योग-वेलनेस सेक्टर में अपार संभावनाएं खुल रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण माहौल और अच्छी कानून व्यवस्था द्वारा ही, यहां पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन दिया जा सकता है। उत्तराखण्ड पुलिस ने अपने अनुशासन और दक्षता से शांति का वातावरण बनाए रखा है। पर्यटन से बढ़ते यातायात के दबाव को कुशलतापूर्वक नियंत्रित करने और कांवड़ यात्रा के सुचारु एवं सफल संचालन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही है। आज जब हम डिजिटल युग में प्रवेश कर चुके हैं, तब साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि हमारी मातृशक्ति उत्तराखण्ड के निर्माण और विकास की आधारशिला रही है। प्रदेश की परिश्रमी मातृशक्ति आज स्वावलम्बन, नवाचार और नेतृत्व की प्रतीक हैं। महिला स्वयं सहायता समूह सफलता की नई कहानियां गढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं उन्हें आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचा रही हैं। हमारी मातृशक्ति और बेटियों की कर्मठता और उपलब्धियां सभी के लिए गर्व करने वाली और प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। हमारे युवाओं के भीतर ऊर्जा है, नवाचार है और देश के प्रति अटूट प्रेम है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया है कि वे हर अवसर को उपलब्धि में बदलें, ये तय है कि आपके सपने ही उत्तराखण्ड के भविष्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जब एआई, सेमीकंडक्टर, और साइबर तकनीक भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं, तब उत्तराखण्ड के युवाओं को भी नई तकनीक को अपनाकर डिजिटल क्रांति की राह पर तेजी से आगे बढ़ना होगा। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड ऐसा राज्य है जहां संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा संगम है, जहां जड़ें हिमालय से जुड़ी हैं और प्रभाव पूरे विश्व पर है। कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से उत्तराखण्ड नई ऊँचाइयों को छू सकता है। हमें लक्ष्य बनाना होगा कि उत्तराखण्ड एक ऐसा राज्य बने जहां गांव का बच्चा भी साइंस, टेक्नोलॉजी और रिसर्च की भाषा समझे और अपनी संस्कृति और जीवन में आत्मसात करे। राज्यपाल ने कहा कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि आने वाले 25 वर्षों में हम अपने प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे और हम अपने सपनों को संकल्प में और संकल्पों को सिद्धि में बदलेंगे।

Advertisement
Advertisement

Related posts

कृषि गणना योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

pahaadconnection

भारी वर्षा के बाद जिलाधिकारी एवं एसपी उत्तरकाशी ने लिया क्षेत्र का जायजा

pahaadconnection

भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक दर्शन : सीएम

pahaadconnection

Leave a Comment