देहरादून 2 जनवरी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बालविकास मंत्री रेखा आर्य के पति एवं भाजपा नेता गिरधारी लाल साहू के उस बयान की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है जिसमें वे कहते सुने गये हैं कि बिहार में महिलाएं 20-25 हजार में मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल गिरधारी लाल साहू का बयान नहीं पूरी भाजपा की महिलाओं के प्रति घृणित और कुत्सित मानसिकता का परिचायक है।
श्री गणेश गोदियाल ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा शासित उत्तराखंड राज्य में महिलाओं पर जितने अत्याचार हुए हैं उतने आज तक किसी भी राज्य में नहीं हुए हैं जिसके चलते उत्तराखंड राज्य सभी हिमालयी राज्यों में महिला अपराध की श्रेणी में प्रथम स्थान पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा नेताओं की नजरों में मातृशक्ति की अस्मिता की कीमत केवल 20-25 हजार रूपये है इससे अधिक शर्मनाक बात क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि विगत चार वर्ष में प्रदेश में जितनी भी महिला अपराध की घटनाएं घटित हुई, महिलाओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं घटित हुई हैं, उनमें से अधिकतर मामलों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता उत्तराखंड राज्य की अस्मिता को कलंकित करने वाली घटनाएं हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि चाहे अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यन्त गौतम की भूमिका हो या भाजपा नेता पुत्र पुलकित आर्य की, हरिद्वार में अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म कराने का मामला भाजपा महिला मोर्चा पदाधिकारी अनामिका शर्मा से जुड़ा हुआ हो या द्वाराहाट में नाबालिग दलित युवती से बलात्कार मामले में मुख्य आरोपी भाजपा नेता प्रमोद बिष्ट, रूद्रपुर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मे मुख्य आरोपी भाजपा नेता नरेन्द्र गंगवार हो या बहादराबाद में दलित युवती की बलात्कार एवं हत्या कांड में मुख्य आरोपी भाजपा नेता अमित सैनी, लालकुंआ नाबालिग बलात्कार कांड में मुख्य आरोपी भाजपा नेता, नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा या अल्मोड़ा में 14 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड कांड में मुख्य आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष भगवत सिंह बोरा तथा रूद्रपुर में नाबालिग लड़की एवं उसकी मां से छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी भाजपा पार्षद शिव कुमार गंगवार हों। इन सभी प्रकरणों से ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखंड राज्य के सत्ताधारी दल के नेताओं की नजरों में मातृशक्ति केवल उपभोग की वस्तु मात्र है। श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में घटी महिला अपराध की घटनाओं में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता ने देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता को तार-तार करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता यदि राज्य सरकार और राज्य महिला आयोग गिरधारी लाल साहू के सार्वजनिक बयान का संज्ञान लेकर उनके खिलाफ महिला अत्याचार की कठोर धाराओं में मामला दर्ज कराता, परन्तु ऐसा नहीं होगा क्योंकि गिरधारी लाल साहू भाजपा के नेता ही नहीं उन मंत्री महोदय के पति भी हैं जिनके कंधों पर महिलाओं के सशक्तिकरण का जिम्मा है।
भाजपा की महिलाओं के प्रति घृणित और कुत्सित मानसिकता : गणेश गोदियाल
Advertisement
Advertisement
Advertisement
