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अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई जांच की संस्तुति पर जताया संतोष

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देहरादून। अंकिता भंडारी के माता-पिता ने अपने घर में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी के सीबीआई जांच की संस्तुति के ऐलान पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सीबीआई मामले में वीआईपी गेस्ट के बिंदू पर जांच करे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस की निगरानी में जांच कराई जाए, ताकि मामले में पूरा सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि कथित वीआईपी गेस्ट के कारण ही हमारी बेटी की हत्या की गई। मामले में उस कथित गेस्ट की संलिप्तता को सामने लाया जाना चाहिए। हम बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। अब केंद्र सरकार को मामले में फैसला लेना है। इससे पहले अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दाैरान सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। अंकिता भंडारी प्रकरण में मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ने माता-पिता से बातचीत के बाद उनकी भावनाओं के अनुरूप मामले में निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था। दो दिन पहले अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने सीएम से मुलाकात की थी। अब प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।खास बात यह है कि सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या में एसआईटी जांच के बाद न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई लेकिन 15 दिन पहले हत्या प्रकरण से जुड़े एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ा। ऑडियो में कुछ नेताओं के नाम सामने आने पर सियासी भूचाल आ गया।
अंकिता भंडारी अगस्त 2022 में यमकेश्वर इलाके में गंगाभोगपुर के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थी। 18 सितंबर 2022 को वह रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई। 19 सितंबर 2022 को पिता ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए होटल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन शुरुआती दौर में केवल गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। सोशल मीडिया पर मामला गरमाने, लगातार दबाव और आंदोलन के बाद 22 सितंबर 2022 को थाना लक्ष्मणझूला में केस दर्ज किया गया।
अंकिता की गुमशुदगी मामले में 23 सितंबर 2022 को वनंजरा रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, असिस्टेंट मैनेजर अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर अगले दिन यानी 24 सितंबर 2022 को चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद किया गया। मामले की जांच के लिए महिला आईपीएस पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई।
25 सितंबर 2022 को श्रीनगर में अंकिता के शव को लेकर जनाक्रोश फूट पड़ा। मामले में आनन-फानन में वनंतरा रिजॉर्ट पर बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया। हालांकि, यह भी एक मुद्दा बना। आरोप लगाया गया कि जानबूझकर क्राइम सीन को हटाते हुए सबूत मिटाने की कोशिशें की गई। हालांकि, हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी ने इसे नकार दिया था।
मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट कोटद्वार में शुरू हुई । 28 मार्च 2023 को एसआईटी ने 500 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें 97 गवाहों को लिस्ट किया गया।
30 मई 2025 को एडीजे कोर्ट कोटद्वार ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद से आरोपी जेल में हैं। अब एक ऑडियो वायरल होने के बाद मामला फिर सुर्खियों में है। मामले में तथाकथित वीआईपी की भूमिका को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसके बाद सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला लिया।

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