देहरादून/हरिद्वार 08 जनवरी।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने हरिद्वार में पंजाबी समाज द्वारा आयोजित 26वें लोहड़ी महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सांस्कृतिक चेतना, मांगलिक आशीर्वाद और जन-सरोकारी मूल्यों से जुड़ा हुआ है। लोहड़ी फसल उत्पादन से जुड़ा उत्सव है, जो नववर्ष के आगमन, खुशहाली और मानवता में ऊर्जा के संचार का प्रतीक है। राज्यपाल ने कहा कि लोहड़ी जैसे पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता में निहित एकता को दर्शाते हैं और समाज को आपसी भाईचारे, समरसता एवं बंधुत्व का संदेश देते हैं।
लोहड़ी पर्व राष्ट्रीय एकता, मानव सेवा और ‘विकसित भारत 2047’ की भावना को सुदृढ़ करता है। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसमें लोहड़ी पर्व का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज की लोक कला, संगीत और परंपराएं विश्वभर में अद्वितीय हैं तथा कोविड-19 महामारी के दौरान मानव सेवा में पंजाबी समाज की भूमिका सराहनीय रही है।
राज्यपाल ने गुरु परंपरा के विचारों को रेखांकित करते हुए बताया कि गुरु परंपरा ने सभी मानव की उत्पत्ति एक ही पुंज से बताई, इसलिए समाज में सहिष्णुता, प्रेम और सद्भावना बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश और समाज के कल्याण हेतु कार्य करने तथा प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए समर्पित भाव से आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद हरिद्वार क्षेत्र त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक मदन कौशिक, महापौर किरण जैसल व अनीता अग्रवाल, जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारीगण, पंजाबी महासभा के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने लोहड़ी महोत्सव में की सहभागिता
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