पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देकर पलायन रोकने और स्थानीय आजीविका के अवसर विकसित करने के प्रयास कर रही है। इसका उदाहरण विकासखंड पाबौ का भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह है, जो पिछले पांच वर्षों से पोल्ट्री फार्म संचालित कर रहा है। समूह से जुड़ी 12 महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ इस व्यवसाय में योगदान देकर परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह अध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से पोल्ट्री फार्म शुरू किया गया। इसके लिए परियोजना से छह लाख रुपये का ऋण मिला, जबकि मनरेगा के सहयोग से शेड तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री फार्म ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार का अच्छा विकल्प है और इच्छुक युवा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार एवं ग्रामोत्थान परियोजना का आभार व्यक्त किया।
समूह से जुड़े संतोष रावत ने बताया कि दिल्ली से गांव लौटने के बाद उन्होंने पोल्ट्री फार्म से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह में 10 से 12 महिलाएं कार्य कर रही हैं। पहले चरण में 1,500 चूजों के साथ उत्पादन शुरू किया गया, जबकि दूसरे चरण में भी चूजे लाकर व्यवसाय आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में रोजगार मिलने से स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील करते हुए प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री का आभार जताया। ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि समूह को परियोजना से छह लाख और बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। समूह द्वारा उत्पादित मुर्गियों की बिक्री आसपास के क्षेत्रों में की जा रही है। परियोजना की ओर से विपणन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं में भी सहयोग दिया जा रहा है, ताकि व्यवसाय का विस्तार हो सके। भराड़ी देवी स्वयं सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, स्थानीय रोजगार सृजित करने और पलायन कम करने का उदाहरण है। सरकारी योजनाओं, सामूहिक प्रयासों और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
