देहरादून। ज्योतिषाचार्य डॉक्टर सुशांत राज का कहना हैं की शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व जारी है और इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर उपवास रखते हैं। वहीं, व्रत का पारण नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के साथ किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के इन दिनों मां दुर्गा की पूजा करने के साथ कन्या पूजन और कन्या भोज कराने का विशेष महत्व होता है। इस दौरान कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है। कुछ लोग अष्टमी, तो कुछ नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं। पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर 2026 को सुबह 8 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 19 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, 19 अक्तूबर को अष्टमी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर आप छोटी कन्याओं को घर बुलाकर उनका पूजन कर उन्हें भरपेट भोजल करा सकते हैं। अष्टमी तिथि पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया जा रहा है। इस अवधि में मां दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य डॉक्टर सुशांत राज का कहना हैं की आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्तूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर 19 अक्तूबर को ही नवमी मनाई जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के आधार पर पूजा करने वाले 20 अक्तूबर को कन्या पूजन कर सकते हैं। नवमी पर कन्या पूजन करने वाले भक्त 19 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। वहीं, 20 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया जा रहा है। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना करने और कन्याओं का पूजन करने की परंपरा निभाई जा सकती है।
वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथियां इस प्रकार हैं:-
महाअष्टमी तिथि:
प्रारंभ: 18 अक्टूबर 2026, रविवार को सुबह 8:27 बजे
समापन: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को सुबह 10:51 बजे
उदयातिथि के अनुसार महाअष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
महानवमी तिथि:
प्रारंभ: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को सुबह 10:51 बजे
समापन: 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12:50 बजे
नवमी का व्रत एवं पूजन 19 और 20 अक्टूबर 2026 दोनों दिन मान्य होगा (उदयातिथि के अनुसार मुख्य नवमी हवन और कन्या पूजन 20 अक्टूबर को भी कर सकते हैं)।
