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खरमास की जानकारी प्रदान करते डॉक्टर आचार्य सुशांत राज.

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एक महीने तक रुक जाएंगे सारे मांगलिक कार्य : डॉक्टर आचार्य सुशांत राज
सूर्य देव के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही शुरू हो जाएगा खरमास
डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की सूर्य देव के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही इस 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। 16 दिसंबर 2022 से खरमास शुरू होने जा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय सभी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। खरमास का दूसरा नाम मलमास कहलाता है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य का धनु राशि में प्रवेश अशुभ योग बनाता है जिसे खरमास कहा जाता है।
सनातन धर्म में खरमास को खराब मास और शुभ कार्यों के लिए अनुचित समय माना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रो की धरती से दूरी होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खरमास के समय सूर्य की चाल धीमी होती है, इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2022 से हो रही है और इसका समापन 14 जनवरी 2023 को होगा। धर्म ग्रंथों के मुताबिक, सूर्य जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय सूर्य की गति कम हो जाती है। सूर्य की इस गति का असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए, खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इस समय अगर आपकी कुंडली में कोई भी दोष है तो आप उसके लिए पूजा पाठ करवा सकते हैं। अगर आप तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं तो खरमास के समय तांबे का इस्तेमाल करना भी वर्जित माना जाता है। इस समय दान पुण्य करना सबसे शुभ माना जाता है।
16 दिसंबर को ग्रहों के राजा सूर्य देव धनु राशि में गोचर कर जाएंगे। इसके साथ ही खरमास का प्रारंभ हो जाएगा। शास्त्रों में खरमास शुरू होने पर किसी भी तरह के मांगलिक या शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। इन शुभ कार्यों में ग्रह प्रवेश, सगाई, मुंडन संस्कार या शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम आते हैं।
कौन से कार्य करने चाहिए :-
कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्य देवता को अर्घ्य जरूर दें. इसके साथ ही सूर्य के मंत्रों का जप करें।
कुंडली में सूर्य को बल देने के लिए सूर्य देवता के आदित्यहृदय स्त्रोत का पाठ भी किया जा सकता है।
लक्ष्मी नारायण का पाठ भी करना चाहिए. उनके मंत्रों का जप करना चाहिए।
इस समय सबसे ज्यादा दान पुण्य का कार्य करें. उससे सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
खरमास के दौरान पीपल पेड़ की आराधना करना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के मुताबिक, इस पेड़ पर देवताओं का वास होता है इसलिए इसकी पूजा करने से कष्ट दूर दूर होते हैं।
खरमास के दौरान तुलसी पर जल अर्पित करें। शाम में दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है की ऐसा करने से दुख का निवारण होता है।
खरमास में कौन से कार्य नहीं करने चाहिए :-
1. सुखी वैवाहिक जीवन के लिए खरमास के दौरान विवाह और सगाई की रस्म ना करें।
2. इस दौरान जनेऊ, गृह प्रवेश, लग्न, मुंडन और अन्य मंगल कार्यों पर भी रोक होती है।
3. इस माह में कोई भी कारोबार शुरू करने से खर्च बढ़ जाता है और कर्ज बढ़ने की संभावनाएं भी होती है।
4. इसके साथ ही खरमास में नया घर नहीं खरीदना चाहिए और नए घर को बनवाना चाहिए।
5. इस महीने धार्मिक अनुष्ठान न करें। हर रोज किये जाने वाले अनुष्ठान कर सकते हैं।
14 जनवरी 2023 को खत्म होगा खरमास :-
अगले साल 14 जनवरी 2023 को मकर संक्रांति पर सूर्य देव मकर राशि में गोचर कर जाएंगे. इसके साथ ही खरमास की समाप्ति हो जाएगी और फिर से मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे. विवाह के लिए 17 जनवरी 2023 से लेकर 14 मार्च 2023 तक शुभ मुहूर्त रहेंगे. इस दौरान शादियों के लिए कुल 28 शुभ तिथियां उपलब्ध रहेंगे. लोग इनमें से किसी भी शुभ तिथि पर अपने विवाह का प्लान कर सकते हैं.
वर्ष 2023 में शादी के शुभ मुहूर्त :-
जनवरी 2023: 17 जनवरी, 18 जनवरी, 19 जनवरी, 25 जनवरी, 26 जनवरी, 27 जनवरी, 30 जनवरी और 31 जनवरी
फरवरी 2023: 1 फरवरी, 6 फरवरी, 7 फरवरी, 8 फरवरी, 9 फरवरी, 10 फरवरी, 13 फरवरी, 15 फरवरी, 22 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी और 28 फरवरी
मार्च 2023: 1 मार्च, 5 मार्च, 6 मार्च, 7 मार्च, 8 मार्च, 9 मार्च, 11 मार्च और 14 मार्च
साल की शुरुआत के चौथे महीने में शादी के कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
मई 2023 में शादी के कुल 13 शुभ मुहूर्त दिनांक 6,8,9,10,11, 15,16,20,21,22,27,29,30 को है।
साल की शुरुआत के जून महीने में शादी के 11 अच्छे दिन है । इस साल जून में शादी के कुल 11 शुभ मुहूर्त दिनांक 1,3,5,6,7,11,12,23,24,26,27 को है।
इस साल जुलाई, अगस्त , सितम्बर, अक्टूबर में शादी के कोई शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है।
साल की नवम्बर महीने में विवाह के लिए 5 शुभ दिन उपलब्ध हैं। जो दिनांक 23,24, 27,28,29 को है।
साल की अंतिम महीने दिसम्बर में विवाह के लिए 7 शुभ दिन उपलब्ध हैं। जो दिनांक 5,6,7,8,9,11,15 को है।

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