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सैनिक स्कूलों का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश के लिए कैडेटों को तैयार करना

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देहरादून। सैनिक स्कूलों का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश के लिए कैडेटों को शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना है। 33 सैनिक स्कूलों के कैडेटों की शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें इंटरैक्टिव प्रशिक्षण आयोजित करना और कैडेटों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना, धीमी गति से सीखने वालों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं, नवीनतम शैक्षणिक प्रथाओं की शुरूआत, शिक्षकों के लिए सेवाकालीन पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण, अतिथि व्याख्यान और कैडेटों के लिए प्रेरक दौरे आदि शामिल हैं। सैनिक स्कूल सोसायटी, रक्षा मंत्रालय समय-समय पर सभी सैनिक स्कूलों को दिशानिर्देश जारी करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विशेष रूप से प्रत्येक छात्र और सामान्य रूप से स्कूल द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल की जाए। सरकार कैडेटों के भविष्य को आकार देने में सैनिक स्कूलों के शिक्षकों की भूमिका को स्वीकार करती है। सैनिक स्कूलों के शिक्षक शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित निम्नलिखित पुरस्कारों के लिए नामांकन के लिए पात्र हैं: शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार, सूचना संचार प्रौद्योगिकी पुरस्कार इसके अलावा, शिक्षकों के प्रेरक स्तर को सुनिश्चित करने के लिए, सैनिक स्कूलों के शिक्षकों को अध्यक्ष, स्थानीय प्रशासन बोर्ड और संबंधित सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल से उचित सराहना और मान्यता दी जाती है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने आज लोकसभा में एस मुनिस्वामी को एक लिखित उत्तर में दी।

 

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