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नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

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देहरादून। संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन और मैटरनिटी सेंटर देहरादून एवं मसूरी सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन रजिस्टर मसूरी के तत्वाधान में  लाइब्रेरी गुरुद्वारा, गांधी चौक, मसूरी में नि:शुल्क ऑर्थोपीडिक एवं स्त्री रोग परामर्श स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में पद्म श्री से सम्मानित डॉ. बी. के.एस. संजय, ऑर्थोपीडिक डॉ. गौरव संजय एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय ने आए हुए मरीजों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में मसूरी सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन रजिस्टर  के अध्यक्ष  से.नि. आई.ए.एस. आनंद एस. खुल्लर, सचिव श्री. एन. के. साहनी, कोषाध्यक्ष जीएस मनचंदा साहनी मौजूद रहे। स्वास्थ्य हर एक व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है। स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज का निर्माण करते है। स्वस्थ व्यक्ति न केवल अपने लिए बल्कि पूरे समाज के लिए मददगार होता है। इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य है कि जरूरतमंद लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें। इस निःशुल्क परामर्श शिविर में विभिन्न प्रकार के हड्डियों की बीमारियों से सम्बन्धित एवं स्त्री रोग से संबंधित 80 से भी अधिक मरीज आये। जिनका पद्म श्री से सम्मानित डॉ. बी. के.एस. संजय, ऑर्थोपीडिक डॉ. गौरव संजय एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय द्वारा परीक्षण किया गया। आये हुए मरीजों को निःशुल्क सलाह, नि:शुल्क दवाई दवाइयां, निःशुल्क बी.एम.डी. की जाँच की गई। इन शिविरों के आयोजन का उद्देश्य हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इन शिविरों का लाभ उठाये। पिछले 14 सालों में अस्पताल लगभग तीन सौ से भी अधिक इस तरह के शिविरों का आयोजन देहरादून के आस-पास एवं अपने प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में भी कर चुका है। यह अपने आप में एक रिकार्ड हैं। इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में भी दर्ज किया जा चुका है। प्रो. से.नि. आई.ए.एस. आनंद एस. खुल्लर ने कहा कि संजय  ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर जैसी संस्था नर सेवा नारायण सेवा के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर देहरादून ने एक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया यह एक ऐसी संस्था है जो समाज के लिए काम कर रही है। ऐसा एक संस्था को नहीं बल्कि अधिकांश सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं को लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए। जिससे हमारे राष्ट्र का वाक्यांश सर्वे भवंतु सुखीना सर्वे संतु निरामया का उद्देश्य पूरा हो सके।

 

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