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विधानसभा अध्यक्षा ने किया डॉ. नैथानी के बाल कहानी संग्रहों का विमोचन

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देहरादून। उत्तराखंड की विधान सभा अध्यक्षा श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण जी के कर कमलों द्वारा अपने आवास पर डॉ. कुसुम रानी नैथानी ‘डॉ के. रानी ‘ के रवीना पब्लिकेशन दिल्ली से प्रकाशित बाल कहानी संग्रह ‘गड्ढो का रहस्य ‘, वनिका प्रकाशन नई दिल्ली से प्रकाशित बाल कहानी संग्रह ‘हम हैं होशियार’ व बुक आन द बोट प्रकाशन से प्रकाशित बाल कहानी संग्रह’ चल पड़ा पत्थर’ का विमोचन किया गया। माननीया विधानसभा अध्यक्षा द्वारा ‘गड्ढो का रहस्य, ‘हम हैं होशियार’ व ‘चल पड़ा पत्थर’ पुस्तकों के प्रकाशन पर डॉ० नैथानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। उन्होंने कहा की बच्चों के लिए अच्छे साहित्य की जरूरत है । उम्मीद है कि भविष्य में भी वे बच्चों के लिए उत्कृष्ट साहित्य का प्रकाशन करती रहेंगी।
‘गड्ढो का रहस्य’, ‘हम हैं होशियार’ व ‘चल पड़ा पत्थर’ बाल कहानी संग्रहों में बच्चों के लिए विभिन्न विषयों जैसे पर्यावरण व वन संरक्षण , अंधविश्वास निवारण ,बाल मनोविज्ञान एवं दैनिक जीवन से जुड़ी हुई कहानियां लिखी गई हैं । उनके द्वारा सरल भाषा में लिखी गई बाल कहानियों की माननीया विधानसभा अध्यक्षा महोदया द्वारा प्रशंसा की गई ।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों मे छुटपन से ही किताबों के प्रति रुझान होना जरूरी है। किताबें पढ़ने से बच्चों का भाषा ज्ञान बढ़ता है और इसके साथ ही उन्हें नए विषयों का ज्ञान भी होता है। वर्तमान समय में बच्चे अपना अधिकांश समय मोबाइल, कंप्यूटर तथा अन्य गैजेट्स पर बिता रहे हैं ।अभिभावकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों को इन सब से हटाकर किताब थमाएं और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। पुस्तकों के अध्ययन से नई जानकारियां मिलती हैं और अच्छी सोच विकसित होती है जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। बच्चों में छुटपन से किताबों के प्रति लगाव बहुत जरूरी है। उन्होंने लाइब्रेरी के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बच्चों को लाइब्रेरी में पुस्तकों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। यह आदत उन्हें सदैव पुस्तकों से जोड़े रखती है।
डॉ० नैथानी के द्वारा अब तक हिंदी में आठ सौ से अधिक बाल कहानियां , दस बाल कहानी संग्रह हिंदी में , चार बाल कहानी संग्रह गढ़वाली में तथा एक बाल उपन्यास हिंदी में प्रकाशित हो चुका है। इनकी लिखी कहानियां राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं।
शैलेश मटियानी उत्तराखंड राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार (2015), राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार(2016) एवं जिला प्रशासन देहरादून द्वारा कोरोना योद्धा सम्मान (2020) से सम्मानित भूतपूर्व प्रधानाचार्या एवं जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण देहरादून (उत्तराखंड) की सदस्या डॉ० कुसुम रानी नैथानी बच्चों के लिए विगत अट्ठारह वर्षों से पाक्षिक बाल समाचार पत्र ‘बालपक्ष’ का भी सफल संपादन कर रही हैं। इनकी लिखी कई कहानियां पुरस्कृत हो चुकी हैं।

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