देहरादून। उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउंड में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने में बाधा डालने के विरोध में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में भाग लिया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पहुंची मातृशक्ति की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नारी सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर उत्तराखंड की महिलाएं पूरी मजबूती के साथ एकजुट हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष के दोहरे और विरोधाभासी रवैये को भी उजागर किया। संसद में समर्थन न देकर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का प्रयास करने वाले आज प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस का असली चेहरा अब देश की मातृशक्ति के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। जो पार्टी संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक अधिनियम का विरोध करती है, वही आज महिला सम्मान का ढोंग कर रही है। उत्तराखंड की जागरूक मातृशक्ति इस पाखंड को भली-भांति समझ चुकी है और अब जवाब देने के लिए तैयार है। नारी सम्मान नारेबाजी से नहीं, बल्कि नीतियों, निर्णयों और अधिकारों से सुनिश्चित होता है और यह संकल्प आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में साकार हो रहा है। संबोधन के उपरांत हजारों की संख्या में मातृशक्ति के साथ पदयात्रा भी की, जिसमें महिलाओं का उत्साह, ऊर्जा और अधिकारों के प्रति जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। देवभूमि उत्तराखंड से उठी यह सशक्त आवाज अब पूरे देश में गूंजेगी और नारी शक्ति के अधिकारों में बाधा बनने वाली ताकतों के विरुद्ध यह जनसंकल्प एक निर्णायक मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची मातृशक्ति को कोटि-कोटि वंदन भी किया।
नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस की पहचान : सीएम
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