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जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘रात्रि चौपाल’ शुरू

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देहरादून, 21 अक्टूबर। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून द्वारा ‘रात्रि चौपाल’ की पहल शुरू की गई है। ‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद  और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को समझते हुए समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन, धान की फसल में रोग एवं खरपतवार से नुकसान, जंगली जानवरों से खेती को नुकसान ,सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने तथा विद्यालय में पेयजल की समस्या सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि रात्रि चौपाल का प्रमुख उद्देश्य ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली छोटी-छोटी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। रात्रि चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, पुलिया की मरम्मत, विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार के कारण हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नहर और क्षतिग्रस्त पुलिया से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को धान की फसल में रोग तथा खरपतवार से हो रहे नुकसान का परीक्षण कर उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, खरपतवार की पहचान एवं उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश दिए, ताकि समस्या के कारणों का पता लगाकर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके। विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि भवन के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है तथा जल्द ही धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। इस पर विद्यालय भवन की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने अपने घर के निकट सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पानी की समस्या उठाई। मुख्य विकास अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे विद्यालय में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई को गति मिलेगी। ग्रामीणों द्वारा सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या भी उठाई गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नहर की स्थिति का परीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। वहीं पेयजल लाइन के रिसाव संबंधी समस्या आने पर मुख्य विकास अधिकारी जल संस्थान अधिकारी को  तत्काल मौके पर निरीक्षण करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। चौपाल के दौरान मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का विषय भी सामने आया। इस संबंध में अवगत कराया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि पीएसी में रेबीज के इंजेक्शन रखने के निर्देश देते हुए कृत कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा। रात्रि चौपाल से पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित राशन की दुकान तथा निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। जिला प्रशासन की इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को नजदीक से समझने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने तथा आमजन को मिल रही सुविधाओं का आकलन करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं तथा अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाएगी। रात्रि चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच एवं प्रभाव का आकलन किया गया। कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा उपस्थित कृषकों को बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। चौपाल में स्वच्छता एवं साफ-सफाई के संबंध में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था, स्वच्छता बनाए रखने तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा उपस्थित जनमानस को मतदाता जागरूकता के प्रति जागरूक किया गया। जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन एवं स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया जाएगा।

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स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य स्थानीय व्यवसायों की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना है। रात्रि चौपाल की विशेषता यह है कि अधिकारी गांवों में समय बिताकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों, जनसुविधाओं और ग्रामीणों की व्यावहारिक चुनौतियों को समझेंगे। रात्रि प्रवास के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को अधिक सहज एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि रात्रि चौपाल से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा जनसमस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो और स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके। रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी मीनाक्षी बहुगुणा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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