देहरादून। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देश पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशन में प्राविधिक कार्यकर्ता राखी चौहान द्वारा स्थान इंदेरा राष्ट्रीय बालविकास जूनियर हाई स्कूल गारी श्यामपुर ऋषिकेश में नालसा की योजना के अनुसार (नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं और नशीली दवाओं के खतरे का उन्मूलन) योजना, 2015 के तहत कार्यान्वयन और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी युवाओं को बताया गया कि यह एक खुला राज है की ड्रग, नशा ने निर्दोष बच्चों, नव बालकों, नवयुवकों एवं महिलाओं के ऊपर अपना भयानक शिकंजा कस लिया है। इसका खतरनाक फैलाव इससे प्रतीत होता है की नशे की शुरुआत 10 से 12 वर्ष की किशोर आयु से हो जाती है। नशीली दवाओं का दुरुपयोग तब होता है जब किसी दवा का उपयोग इच्छित उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जाता है, या अत्यधिक मात्रा में किया जाता है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग में अवैध दवाओं के साथ-साथ दवाइयां भी शामिल हो सकती हैं। यह दिमाग और शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है – जिससे हेपेटाइटिस सी जैसी संक्रामक बीमारियाँ, दौरे और यहाँ तक कि आत्महत्या के विचार जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। नशीली दवाओं की लत को रोकने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक शिक्षा और जागरूकता है। स्कूलों, समुदायों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को व्यक्तियों को नशीली दवाओं के उपयोग के खतरों, लत की संभावना और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के परिणामों के बारे में शिक्षित करना चाहिए। नशे की लत का मतलब है किसी पदार्थ का उपयोग या किसी व्यवहार को नियंत्रित या रोक पाना, भले ही वह नुकसान पहुंचा रहा हो। नशीली दवाओं की लत आपके जीवन और आपके आस-पास के लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। नशीली दवाओं नशीली दवाओं की लत के बुरे प्रभावों, किशोरों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के नकारात्मक परिणामों, नशे की लत या शराब की लत की रोकथाम और प्रभाव, प्राथमिक रोकथाम प्रयासों के लाभों के बारे में जागरूक किया जा सके। साथ ही यह भी बताया जाए कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना और उसका इलाज करना हमारे देश और उसके लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी छात्रों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांगों के लिए टेली मानस नंबर -14416 एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी निशुल्क कानूनी सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 की भी जानकारी दी गई। एवं इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
Advertisement
Advertisement
Advertisement
