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डॉ. दीप्ति सेमवाल को मिला यूकॉस्ट में यंग साइंटिस्ट अवार्ड

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श्रीनगर (गढ़वाल) l उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा आयोजित 21वें उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन (यूएसएसटीसी -2026) में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) के भूगोल विभाग में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत डॉ. दीप्ति सेमवाल को यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. सेमवाल को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पृथ्वी विज्ञान संकाय के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में उनके शोध विषय “जैविक संसाधनों का स्थानिक वितरण एवं सामुदायिक सहभागिता” पर उत्कृष्ट शोध प्रस्तुति के लिए प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि पृथ्वी विज्ञान संकाय के अंतर्गत भूगोल, भूविज्ञान, भू-आकृति विज्ञान, हिमनद भू-आकृति विज्ञान, भूभौतिकी  सहित कई विषय सम्मिलित थे, जिसमें  डॉ. दीप्ति सेमवाल को यह सम्मान प्राप्त हुआ है। डॉ. दीप्ति सेमवाल ने भूगोल विषय में अपनी पी.एच.डी. हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से बायोजियोग्राफी  के क्षेत्र में ”  बायोजियोग्राफिकल रेजियनलाइजेशन ऑफ गढ़वाल रीज़न  विषय पर *प्रोफेसर मोहन सिंह पंवार के कुशल शोध निर्देशन में पूरी की है।दीप्ति सेमवाल रुद्रप्रयाग जिले के सुदूर गांव उथिंड की रहने वाली हैं। इस सम्मेलन के मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल में देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शामिल थे, जिसमें प्रो. हरीश कर्नाटक , प्रो. कमल पांडे  (वैज्ञानिक, आई आईआरएस- आई एसआरओ ) तथा *भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने बतौर विशेषज्ञ पैनल में शोध प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। इस वर्ष के सम्मेलन में शोध के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दो दिवसीय सम्मेलन की सभी श्रेणियों में कुल 261 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिसमें 165 महिला और 96 पुरुष शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। पूरे सम्मेलन में विभिन्न श्रेणियों में कुल 36 यंग साइंटिस्ट अवार्ड प्रदान किए गए, जिसमें 16 महिला शोधार्थियों और 20 पुरुष शोधार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह युवा शोधकर्ताओं, विशेषकर महिला वैज्ञानिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अनुसंधान करने और समाजोपयोगी समाधान विकसित करने के लिए भी प्रेरित करेगा। विश्वविद्यालय परिवार उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करता है।

 

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