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उत्तराखंड

परमार्थ निकेतन में निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर का शुभारम्भ

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ऋषिकेश ।

परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में आज निःशुल्क मोतियाबिंद शिविर का शुभारम्भ हुआ। स्वामी ने हाॅस्पिटल जाकर उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों से आये रोगियों और अमेरिका, आस्ट्रेलिया, नेपाल और भारत से आये नेत्र विशेषज्ञों से भेंट कर स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द के सान्निध्य में अमेरिका से आये नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मनोजकुमार पटेल, श्रीमती वासवी पटेल, आस्ट्रेलिया से आये डॉ जॉन जोन्स, शेरोन और जेसी, नेपाल डॉ इरीना कनिस्कर, अमृता श्रेष्ठ, बैंगलोर से जय कुमार, गुरूप्रसाद और अन्य चिकित्सकों ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत शिविर का शुभारम्भ किया। नेत्र रोग विशेषज्ञों ने आज मोतियाबिंद के 25 सफल आॅपरेशन किये।

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आॅपरेशन के पश्चात रोगियों और उनके सहयोगियों के रूकने और सुपाच्य भोजन की व्यवस्थायें भी स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के आशीर्वाद से व्यवस्थित रूप से परमार्थ निकेतन द्वारा की जाती हैं। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने शिविर में आये चिकित्सकों, नर्सेस और रोगियों का अभिनन्दन करते हुये कहा कि दूर-दराज से आये रोगियों ने यहां आकर हमें सेवा का एक अवसर प्रदान किया है। सेवा से हमारी दृष्टि दिव्य बनी रहती हैं। हमारी दृष्टि सेवा की हो और समर्पण की हो। पूरे समाज को अपना मानकर सेवा करना ही हमारी दृष्टि होनी चाहिये। स्वामी जी ने कहा कि कोई छोटा नहीं और कोई बड़ा नहीं हम सभी की सेवा निर्मल दृष्टि से करें यह जरूरी है। दूसरों में प्रभु का अंश देखते हुये उनके के लिये कार्य करना ही सच्ची सेवा है और मानवता की सेवा से अहं भाव का भी नाश होता है।

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अमेरिका से आये डा मनोज पटेल और वासवी पटेल ने बताया कि वे वर्षों से परमार्थ निकेतन आकर पूज्य स्वामी जी की प्रेरणा से इस नेत्र महायज्ञ में योगदान प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने डा पूर्णिमा राज को भी याद किया जो इस वर्ष सहभाग नहीं कर पायी। आस्ट्रेलिया से पहली बार आये डॉ जॉन जोन्स ने बताया कि वे भारत पहली बार आये हैं, साथ में उनका परिवार भी है। उन्होंने कहा कि यहां पर डाक्टर के प्रति लोगों की आंखों में जो विश्वास और सम्मान है वह अद्भुत है, यही विश्वास हमें सेवा के लिये प्रेरित करता है। अन्य राज्यों से आये रोगियों ने बताया कि परमार्थ निकेतन में आयोजित मोतियाबिंद शिविर के विषय में वर्षों से सुना है। यहां पर होने वाले आपरेशन और डाले जाने वाले लैंस उच्चस्तर के होते हैं तथा सारी व्यवस्थायें सुव्यवस्थित और उच्चस्तरीय होती हैं। अमेरिका से आये नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मनोजकुमार पटेल, श्रीमती वासवी पटेल, आस्ट्रेलिया से आये डॉ जॉन जोन्स, शेरोन और जेसी, डा कलाई, डा विवेक जैन, नेपाल डॉ इरीना कनिस्कर, अमृता श्रेष्ठ, बैंगलोर से जय कुमार, गुरूप्रसाद, अनीता नायक, श्रीमती रत्नेश्वरी, हरिबंश सिंह, प्रेमराज, अरूण सारस्वत, डा अनील, डा राठी, डा नेगी, चिन्मय एसोसिएशन रिसर्च सेंटर की निदेशक श्रीमती प्रीतशिखा शर्मा के मार्गदर्शन में 10 प्रशिक्षित नर्सेस महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

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