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समय का करना होगा सम्मान : प्रवीण गोयल

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देहरादून 31 जनवरी। उप निदेशक आकाश बायजूस प्रवीण गोयल का कहना हैं की परीक्षा का नाम सुनते ही मन में एक अनजाना सा भय उत्पन्न होने लगता है। अतः जब आपके समक्ष ये चुनौती आती है कि परीक्षा को उत्तीर्ण करना है और अच्छे प्रतिशत के साथ, तो थोड़ा सा दबाव में आना स्वाभाविक है। इस दबाव से मुक्ति पाते हुए अच्छे नम्बरों के साथ चारों तरफ चमक बिखेरनी है तो समय का सम्मान करना होगा और नियमित दिनचर्या के साथ पढ़ाई करनी होगी।  बोर्ड परीक्षा में अब कुछ ही दिन शेष है तो सबसे पहले अपने पाठ्‌यक्रम को एक बार फिर से देखें और जांचे कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कौन-कौन से टॉपिक हटा दिए है या कम कर दिए हैं। जिन टॉपिक्स को पाठ्‌यक्रम से हटाया गया है, उन्हें अभी बिल्कुल नहीं पढ़ना है। इससे समय बचेगा। अब आप ये देखें कि अलग-अलग विषय में से किसमें आप ज्यादा कठिनाई महसूस कर रहे हैं, या आपको कौन सा विषय ज्यादा कठिन लग रहा है। उसमें पढ़ने का समय बढ़ा देना है, और जो विषय आपको आसान लग रहा है उसमें कम समय में रिवीजन कर लेना है, जिससे आपको कठिन विषयों के लिए ज्यादा समय मिलेगा। अब हम दिन के 24 घंटे को तीन भागों में बांट लेते हैं. सोने का समय, पढ़ने का समय, मनोरंजन एवं दैनिक कार्य का समय।सोने का समय – प्रतिदिन 6-7 घंटे ही सोना है जो कि रात्रि में 11 बजे से प्रातः 5 या 6 बजे तक ही होना चाहिए। कई छात्र देर रात तक पढ़ने की आदत वाले होते हैं, जानकारों की मानें तो ये उचित नहीं है। रात्रि में कई बार पढ़ी हुई चीजें ज्यादा देर तक याद नहीं रहती है। पढ़ने का समय – यह समय एक दिन में कुल 8-10 घंटे होना चाहिए और सुबह, दोपहर एवं शाम में विभाजित होना चाहिए। प्रातःकाल 3 से 4 घंटे की पढ़ाई सबसे ज्यादा विशेष होती है। अतः इस समय आप ऐसे विषय चुनें, जिनको याद ज्यादा करना और उनको लिखकर याद करें या दोहरावें इससे आपको प्रश्न याद रहेंगे और भरोसा बढ़े‌गा। दोपहर में 3 घंटे का समय निकालें और ऐसे विषय पढ़े जो सुबह नहीं पढ़े हैं। इसी प्रकार 3 घंटे का समय संध्याकाल में निकालें और लिखकर पढ़ने बाले विषय जैसे गणित, भौतिकी या कभी-कभी रसायन को ले सकते हैं। मनोरंजन एवं दैनिक कार्य का समय – यदि आप 7 घंटे सोते हैं. 10 घंटे पढ़ते हैं तब भी 7 घंटे का समय मनोरंजन एवं दैनिक जरूरी कार्यों के लिए उपलब्ध रहेगा। लगातार पढ़ने से ऊर्जा का स्तर कम होने लगता है और धकावट आने लगती है. इसलिए बीच-बीच में स्वस्थ्य मनोरंजन आवश्यक है, किन्तु इसमें वीडियो गेम या सोशल मीडिया का उपयोग नहीं होना चाहिए। मनोरंजन में कुछ समय घर के सदस्यों से या दोस्तों से बातचीत, व्यायाम, खेल शामिल करें। इससे आपकी एकाग्रता बढ़ती है। इस प्रकार यदि आप अपने पूरे दिन को व्यवस्थित तरीके से उपयोग करेंगे तो आप कभी भी दबाव में नहीं आएगें और समय पर सारे विषय पूर्ण होगें। जिससे आप अपनी क्षमताओं का बेहतरी प्रदर्शन करते हुए बोर्ड परीक्षा में उच्च मानदण्ड स्थापित कर पाएगें।

 

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