रुद्रप्रयाग, 23 अप्रैल। शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गर्भवती व उनके परिजनों को जागरूक करने का अभियान चला रही है। अभियान के तहत जहां फील्ड टीमें कार्य कर रही हैं, वहीं जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा भी घर-घर भ्रमण कर अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश के निर्देशन में स्वास्थ्य टीमों द्वारा अप्रैल माह में संभावित प्रसव की सभी 226 गर्भवती महिलाओं से संपर्क किया गया तथा मई माह में संभावित प्रसव की 215 गर्भवतियों से संपर्क किया जा रहा है। जिला स्तरीय टीम द्वारा गत एक सप्ताह में अगस्त्यमुनि ब्लाक के अंतर्गत ग्राम गंधारी, दुर्गाधार, तड़ाग, तिलणी, जखोली ब्लाक के अंतर्गत जवाड़ी तथा ऊखीमठ ब्लाक के अंतर्गत मुनकटिया में घर-घर भ्रमण किया। अपर मुख्य चिकत्सा अधिकारी डा0 सीमा टेकचंदानी ने बताया कि भ्रमण के दौरान टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को अस्पताल में प्रसव कराने का महत्व समझाया। बताया कि अस्पताल में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में दोनो सुरक्षित रहते हैं, ज्यादा रक्तसा्रव या प्रसव की अन्य समस्याओं में आपातकालीन सुविधा होने से अस्पताल में तत्काल इलाज मिल जाता है, बच्चे को सही देखभाल व टीकाकरण की सुविधा मिल जाती है। जिससे मां व शिशु की मृत्यु का जोखिम घट जाता है । साथ ही टीमों द्वारा प्रसव से पहले जन्म योजना तैयार करने के बारे में भी बताया गया, जिसके तहत प्रसव हेतु तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही निःशुल्क परिवाहन सेवा 108 व खुशियों की सवारी के अलावा ईजा-बोई शगुन योजना, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, परिवार कल्याण के अंतर्गत मिलने वाली समस्त सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
घर-घर भ्रमण कर समझाया संस्थागत प्रसव का महत्व
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