बगैश्वर. जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में गुरुवार को समाज कल्याण विभाग की जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रत्येक प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होते ही एक सप्ताह के भीतर मुआवजे की 25 प्रतिशत धनराशि स्वीकृत कर तत्काल सहायता राशि निर्गत की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंजीकृत प्रकरण में विस्तृत जांच सुनिश्चित करते हुए अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही प्रकरण की स्थिति के अनुरूप शेष आर्थिक सहायता भी समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकरण में आर्थिक सहायता अथवा न्याय प्राप्ति के संबंध में अनावश्यक लंबित स्थिति न रहे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन विशेषकर युवाओं में जागरूकता बढ़ सके।
बागेश्वर विधायक पार्वती दास ने एससी/एसटी उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण तथा शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमचंद तिवाड़ी ने अवगत कराया कि विगत पांच वर्षों में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त सभी 21 प्रकरणों में नियमानुसार मुआवजा भुगतान किया जा चुका है।
जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न, एससी, एसटी प्रकरणों की हुई समीक्षा
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