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पहली बारिश : बेहाल हुई राजधानी, पानी-पानी हुआ दून

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देहरादून। मानसून की दस्तक के साथ ही उत्तराखंड में बरसात का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग की ओर से पहले ही राज्य के कई जिलों के लिए तीन दिन का भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, जो मानसून की शुरुआत के पहले ही दिन काफी हद तक सही साबित होता दिखाई दिया। जुलाई महीने के पहले दिन हुई बारिश ने राजधानी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी और शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। बुधवार को सुबह से शुरू हुई बारिश ने कुछ ही घंटों में शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया। प्रमुख सड़कें, बाजार, कॉलोनियां और रिहायशी इलाके जलमग्न दिखाई दिए। शहर के पॉश इलाके डालनवाला से लेकर आईएसबीटी, घंटाघर, प्रिंस चौक, सहारनपुर रोड, पटेल नगर और नेहरू ग्राम जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कें छोटी नदियों का रूप लेती नजर आईं और वाहन चालकों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा हुई, लेकिन कई स्थानों पर नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पानी के दबाव को संभालने में नाकाम साबित हुए। इसके चलते सड़कें, गलियां और मोहल्ले पानी से लबालब भर गए। लोगों को घरों और दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हुई, जबकि कई इलाकों में दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। पानी भरने और वाहनों की धीमी रफ्तार के कारण कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कार्यालयों और स्कूलों की ओर जाने वाले लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय यात्रा में बिताना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून की शुरुआत के साथ राजधानी में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अभी तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जा सके हैं। मौसम विभाग ने चार जुलाई तक राज्य के अधिकांश जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार देहरादून और बागेश्वर जिले में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं की आशंका भी व्यक्त की गई है।

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