देहरादून, 19 फरवरी। उत्तराखंड राज्य की कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने आज रोजमर्रा की राजनीतिक, प्रशासनिक और व्यक्तिगत व्यस्तता और भागदौड़ से इतर आज का दिन उन्होंने उन माताओं के साथ गुजारा जो परिजनों की उपेक्षा या किन्हीं अन्य कारणों के चलते वृद्ध आश्रमों में रहने को विवश है। एक बेटी के रूप में उनके बीच भावनात्मक एवं अनुरागयुक्त समय व्यतीत करना एकदम अनूठा अनुभव रहा। इस दौरान उन्होंने पहले डालनवाला स्थित प्रेम धाम और उसके बाद अम्बीवाला स्थित मां गौरी ओल्ड एज होम में रहने वाली माताओं से उनके अनुभव, उनकी दिनचर्या, उनकी समस्याओं, उनकी भावनाओं और उनकी आवश्यकताओं को जाना व समझा। उनमें से कुछ ने यह सुझाव दिया कि उन्हें वृद्धावस्था के कारण बार-बार चिकित्सा की जरूरत पड़ती है और उन्हें अस्पताल लाने- ले जाने के लिए किसी सहयोगी की जरूरत है। तो कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों से इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एक सुझाव यह भी आया कि ग्राम पंचायत स्तर पर ओल्ड एज केयर होम बनाए जाएं जहां गांव के सभी बड़े-बूढे इकट्ठा होकर अपने सुख दुख के सहभागी बन सके और भावनात्मक रूप से संबल प्राप्त कर सके। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस विचार का परीक्षण कर जो भी उचित कार्रवाई की जा सकती है उसे आगे बढ़ाया जाए। साथ ही हमारा प्रयास होगा कि इन जगहों पर रहने वाली महिलाओं को कुछ रचनात्मक गतिविधियों में सम्मिलित किया जाए जिससे कि वह अपनी अप्रिय स्मृतियों से दूर रह सके। श्रीमती रेखा आर्या ने महिलाओं को आगामी महिला दिवस पर होने वाले सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया है। महिलाओं से मिले सभी सुझावों पर हम गंभीरतापूर्वक विचार विमर्श करके निश्चित रूप से जल्द ही एक योजना लाएंगे, जिसमें 60 वर्ष से अधिक अवस्था वाले सभी लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। इस अवसर पर राज्य परियोजना अधिकारी सुश्री आरती बलोदी, मोहित चौधरी, श्रीमती मीना बिष्ट, श्रीमती आशा कंडारी, सिस्टर अपर्णा, श्रीमती प्रतिभा बहुगुणा जोशी, श्रीमती अनीता बिष्ट, श्रीमती रेखा देवी, श्रीमती उषा देवी, रमेश लाल आदि उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वृद्ध आश्रमों में रहने को विवश माताओं के साथ गुजारा दिन
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