Haridwar Kumbh 2027 Devbhoomi Uttarakhand
Pahaad Connection
Breaking News
Breaking Newsउत्तराखंडराजनीतिसोशल वायरल

अंकिता भंडारी हत्याकांड : जनता के मन में व्याप्त संदेह का संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया

Advertisement

देहरादून, 15 अक्टूबर। अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपी दुष्यन्त कुमार गौतम को सिक्किम प्रदेश का राज्यपाल बनाये जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। पत्रकार वार्ता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, प्रदेश सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सितम्बर 2022 में जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनन्तरा रिजॉर्ट में कार्यरत उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने न केवल देवभूमि उत्तराखण्ड, बल्कि पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से ही प्रदेश की जनता, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा इस प्रकरण में कथित वीवीआईपी की भूमिका उजागर करने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। कंग्रेस नेताओं ने कहा कि यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है कि चार वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की पहचान एवं उसकी भूमिका को लेकर जनता के मन में व्याप्त संदेह का संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया है। इस प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सार्वजनिक आरोपों एवं चर्चाओं में सामने आया है। ऐसे समय में जब अंकिता भंडारी के परिजन एवं उत्तराखण्ड की जनता कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा सम्पूर्ण सत्य सामने लाये जाने की मांग कर रहे हैं, श्री दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम प्रदेश के महामहिम राज्यपाल जैसे अत्यन्त गरिमामय एवं संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने के निर्णय से प्रदेश की जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का स्पष्ट मानना है कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने से पूर्व उससे जुड़े गंभीर सार्वजनिक आरोपों एवं विवादों का निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। राज्यपाल का पद भारतीय संविधान के अन्तर्गत अत्यन्त सम्मानित एवं महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। इस पद पर आसीन व्यक्ति से उच्चतम नैतिक मानदण्डों, निष्पक्षता एवं सार्वजनिक जीवन में निर्विवाद आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसी स्थिति में अंकिता भंडारी जैसे संवेदनशील हत्याकांड में कथित भूमिका को लेकर सार्वजनिक आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति की नियुक्ति से जनमानस में गलत संदेश जाने की आशंका है। यह भी अत्यन्त पीड़ादायक है कि उत्तराखण्ड की एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए उसके परिजनों एवं प्रदेश की जनता को वर्षों से संघर्ष करना पड़ रहा है तथा उनके माता पिता को उत्तराखंड एवं दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर प्रताडित किया जा रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता तथा सत्ता के प्रभाव से मुक्त जांच सुनिश्चित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा अत्यन्त गंभीर विषय है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी का यह भी कहना है कि यदि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। कानून की दृष्टि में सभी नागरिक समान हैं तथा किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक हैसियत अथवा संवैधानिक पद न्यायिक जांच में बाधा नहीं बनना चाहिए। उत्तराखण्ड की जनता आज भी इस प्रश्न का उत्तर चाहती है कि अंकिता भंडारी पर कथित रूप से विशेष सेवाएं देने का दबाव किसके लिए बनाया जा रहा था तथा इस पूरे प्रकरण में कथित वीवीआईपी की वास्तविक पहचान क्या थी? इन प्रश्नों का विश्वसनीय उत्तर सामने आये बिना जनता के मन में व्याप्त संदेह समाप्त होना सम्भव नहीं है। कांग्रेस पार्टी एवं उत्तराखण्ड की जनता को देश की सर्वोच्च संवैधानिक संरक्षक महामहिम राष्ट्रपति महोदया से यह अपेक्षा है कि देवभूमि की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तथा संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा एवं विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए इस प्रकरण में आवश्यक हस्तक्षेप करें।

उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह स्पष्ट करना चाहती है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध राजनीतिक प्रतिशोध का विषय नहीं, बल्कि न्याय, महिला सम्मान, संवैधानिक मूल्यों एवं कानून के शासन की रक्षा का विषय है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए। जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी अनुत्तरित प्रश्नों का समाधान नहीं होता तथा कथित वीवीआईपी की भूमिका का सत्य सामने नहीं आता, तब तक प्रदेश की जनता के मन में न्याय व्यवस्था के प्रति उत्पन्न संदेह बना रहेगा।

Advertisement

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने के लिए महामहिम राज्यपाल से मुलाकात का राजभवन से समय मांगा था परन्तु हमें समय नहीं दिया जा रहा है जो कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

पत्रकार वार्ता में एआईसीसी प्रवक्ता एवं उत्तराखंड मीडिया पर्यवेक्षक पंखुडी पाठक, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला एवं प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह उपस्थित थे। पत्रकार वार्ता के उपरान्त प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत, प्रदेश सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने बडी संख्या में राजभवन के गेट पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन प्रेषित किया।

Advertisement

 

 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement

Related posts

संभावित प्राकृतिक आपदाओं के विषय में जानकारी साझा की जनजागरूकता कार्यक्रम संपन्न

pahaadconnection

सीएम ने संगतों के साथ किया संकीर्तन, कार सेवा भी की

pahaadconnection

CM धामी ने किया विरासत मेले का शुभारंभ

pahaadconnection

Leave a Comment