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उत्तराखंड

दर्शन मात्र से ही हो जाती है, सभी मनोकामनाएं पूर्ण

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देहरादून।

प्राचीन एवं लोकप्रिय मांडू सिद्ध मंदिर
देवभूमि उत्तराखंड जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन व धार्मिक स्थल के लिए देश ही नहीं विदेशों में भी मशहूर है। देवभूमि उत्तराखंड में कई ऐसे धार्मिक स्थल है, जहां आकर लोगों के मन को बहुत शांति मिलती है,84 सिद्ध पीठों में से चार सिद्ध उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी मौजूद है। जिसमें लक्ष्मण सिद्ध, कालू सिद्ध, मानक सिद्ध ओर मांडू सिद्ध शामिल हैं।

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मांडू सिद्ध मंदिर देहरादून से लगभग 14-15 किलोमीटर पड़ता है देहरादून के बस अड्डे से आपको पहले घंटा घर आना है घंटा घर से मांडू सिद्ध मंदिर की दूरी 10 किलोमीटर है यहाँ पर आप अपनी गाडी से भी आ सकते है आप यहाँ पर टैक्सी से भी आ सकते है जो की मंदिर तक पहुचने का आसन तरीका है। रेलवे स्टेशन से यहाँ पहुचने की दूरी 10 या 12 किलोमीटर है। यह मंदिर आपको पेड़ो से घिरे हुए ही मिलेगे यहाँ पर देखने का नज़ारा बहुत ही अच्छा होता है।


महत्व: यहाँ पर भगवान दत्तात्रिया ने लोग कल्याण के लिए 84 शिष्य थे। उसके चार शिष्यों ने देहरादून के स्थानों पर भगवान शिव की उपसना की। चार सिद्ध देहरादून मैं बहुत ही प्रसिद्ध है। उन्ही में से एक मांडू सिद्ध भी है। यहाँ पर मांडू जी ने त्रितय युग मैं भगवान शिव शंकर जी की उपासना की थी। फिर मांडू जी को भगवान शिव के दर्शन हुए थे। और उन्होंने भगवान शिव से मोक्ष की प्राप्ति मांगी थी और इसकी जगह मैं उन्होंने भगवान शिव की आत्मा मैं वलीन कर लिया था। यहाँ पर गुड का प्रशाद चड़ता है क्यूँ की पहले समय मैं गुड आसानी से मिल जाता है और उसका प्रशाद के रूप मैं इसका प्रयोग किया जाता था।

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लोग यहाँ पर अपनी श्रद्धा से आज भी यहाँ पर गुड ही चढ़ाते है और अपनी मनोकामना मांगते है यहाँ लोगों का विश्वास है की मनोकामना पूर्ण भी होती है। एक सीक से माथे पे तिलक लगाया जाता है जिसको एक तरह से भगवान का आशीर्वाद के रूप मैं देखा जाता है। मांडू मंदिर मैं भगवान शिव के बिलकुल सामने ही नन्दी गाय को भी विराजमान किया गया है जो एक दुसरे के मुख को देखते है। जिस भी भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है तो वो इतवार को यहाँ पर भंडारे का आयोजन करते है।

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यहाँ पर एक धुनी भी है जो उसी प्रकार पुराने समय से चलती आ रही है। यह मंदिर सुंदर वृष से हरयाली से घिरा हुआ मंदिर है यहाँ से आपको सुंदर सुंदर पहाड़ भी देखने को मिलते है। यहाँ पर बहुत भीड़ भी रहती है लोग दूर दूर से इसे देखने के लिए आते है।

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