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केन्द्रीय विद्यालय नंबर-2 में शिक्षकों के वेतन को लेकर संकट, अभिभावकों ने सर्वे ऑफ इंडिया से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

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देहरादून। न्यू कैंट रोड स्थित केन्द्रीय विद्यालय नंबर-2, सर्वे ऑफ इंडिया, देहरादून में शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। इस संबंध में अभिभावकों ने अपर सर्वे महानिदेशक महेश चंद्र गौड़ से मुलाकात कर सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया को ज्ञापन भेजा,मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
ज्ञापन के अनुसार, विद्यालय प्रोजेक्ट सेक्टर के अंतर्गत सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित तथा केंद्र सरकार के माध्यम से वित्त पोषित है। आरोप लगाया गया है कि 1 अप्रैल 2026 से शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनका वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और इसका असर उनके मनोबल पर भी पड़ रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों पर पड़ रहा आर्थिक एवं मानसिक दबाव विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इससे कक्षाओं के संचालन, पाठ्यक्रम पूरा करने, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की परीक्षा एवं करियर की तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
साथ ही अभिभावकों ने कहा कि यदि स्थिति का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो विद्यालय से अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों के जाने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
इस दौरान अधिवक्ता जितेंद्र सिंह भंडारी ने विद्यालय को स्थायी वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि विद्यालय को सिविल सेक्टर केंद्रीय सरकारी विद्यालय में परिवर्तित करने अथवा इसे पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के रूप में अपग्रेड करने की मांग भी उठाई है। इससे विद्यालय की वित्तीय जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आ सकती है और भविष्य में ऐसी वित्तीय समस्याओं से बचने के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सकती है।
अभिभावकों ने सर्वे ऑफ इंडिया से लंबित वेतन तत्काल जारी कराने तथा भविष्य में वेतन भुगतान में देरी रोकने के लिए स्थायी प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया है।
अभिभावकों ने बताया कि ज्ञापन की प्रतियां केंद्रीय शिक्षा मंत्री, केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय,सचिव शिक्षा मंत्रालय को भी भेजी गई हैं।
ज्ञापन देने वालो में मुख्य रूप से अधिवक्ता जितेंद्र सिंह भंडारी, अधिवक्ता सत्यपाल सिंह,हिमानी,रेनू राणा,दीपक,दिनेश राणा, युनूस,पूनम सहित अन्य अभिभावक शामिल थे.

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