Haridwar Kumbh 2027 Devbhoomi Uttarakhand
Pahaad Connection
Breaking News
खेल

बचपन में हुई एक घटना के बाद द्रविड़ ने ठान लिया था की अब दुनिया जानेगी मेरा नाम

Advertisement

दुनिया के महान बल्लेबाज़ों में शुमार और अब भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ हॉल ही में ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के साथ एक पोडकास्ट कार्यक्रम में शामिल हुए। इस पोडकास्ट कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने जब स्कूल के दिनों में अपना पहला शतक ठोका था, तो उसने जिंदगी भर के लिए एक खास सीख दे दी।

‘इन द जोन’ नाम के इस कार्यक्रम को अभिनव बिंद्रा होस्ट कर रहे थे। इस मौके पर द्रविड़ ने बचपन के इस किस्से को याद किया। उनके शतक बनाने की खबर जब अखबार में छपी तो उनके नाम की स्पेलिंग ही गलत लिख दी गई। तब ‘द्रविड़’ का ‘डेविड’ छापा गया। इससे उन्हें अहसास हुआ कि शतक बनाने के बावजूद उस समय उनकी ज्यादा पहचान नहीं बनी थी।

Advertisement

द्रविड़ ने कहा, ‘संपादक ने तब यही सोचा होगा कि उनके नाम में कोई स्पेलिंग की गलती है और कोई द्रविड़ नहीं हो सकता, तो यह डेविड ही होना चाहिए था. क्योंकि यह बहुत ही आम नाम था। लेकिन मैंने तभी ही सोच लिया कि यह मेरे लिए बड़ी सीख है कि स्कूल क्रिकेट में 100 बनाकर भले मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं लेकिन मेरी कोई पहचान नहीं है और लोग मेरा नाम तक नहीं जानते, और तो और उन्हें मेरे नाम पर भी भरोसा नहीं है कि यह सही हो सकता है और उन्हें इसे बदलना पड़ रहा है.’

द्रविड़ ने आगे कहा, ‘लेकिन उस बच्चे ने तभी ही तय कर लिया था कि बाकी बचे उसके जीवन में भारत में हर कोई और सभी पब्लिकेशन उसका नाम याद रखेंगे।’ इसके बाद राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट में अपनी पहचान कायम करना शुरू कर दी.

Advertisement
Advertisement

Related posts

भारत के स्टार एथलिट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। नीरज ने भाला फेंक में टोक्यो ओलिंपिक्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में देश के लिए पहला स्वर्ण जीता था

pahaadconnection

ICC T20 रैंकिंग: हार्दिक पांड्या का अब तक का विस्फोटक प्रदर्शन, रैंकिंग में बड़ा उछाल

pahaadconnection

महिला हॉकी टीम की सदस्य मनीषा चौहान ने की सीएम से मुलाकात

pahaadconnection

Leave a Comment