पौड़ी। जनपद में जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (सारा) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के धारा-नौलों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न जल संरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में पेयजल विभाग के संशोधित प्रस्ताव, वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के उपयोगिता प्रमाण पत्र, धारा-नौलों के चिन्हीकरण एवं संरक्षण तथा ग्राम पंचायत परंदा की डीपीआर पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने परंदा, कोला सहित अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों का तकनीकी मौका निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उप निदेशक जलागम ने बताया कि जिले में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के 17 धारा-नौले चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इनके संरक्षण, पुनर्जीवन, जल संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का सर्वे कर 10 दिन में रिपोर्ट देने तथा चिन्हीकरण, नामांकन एवं मापन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। संबंधित जानकारी के संकलन के लिए एप विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण तथा चाल-खाल, चेकडैम सहित अन्य जल संरक्षण कार्यों की मौके पर जांच के निर्देश दिए। साथ ही बीडीओ को उपयोगिता प्रमाण पत्र समय से भेजने को कहा। बैठक में जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिशम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई धीरज सैनी, उप निदेशक जलागम अजय सोनकर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित संबंधित अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
