देहरादून। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में नगर निगम देहरादून द्वारा शहर के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों एवं इसके नियंत्रण के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें स्वच्छ वायु के महत्व से जोड़ना है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इन जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को वाहनों से निकलने वाले धुएं, कूड़ा-कचरा एवं सूखी पत्तियां जलाने, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल तथा अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है। साथ ही बताया जा रहा है कि वायु प्रदूषण का सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो सकती है।
नगर निगम की टीम द्वारा विद्यार्थियों को छोटी दूरी के लिए पैदल चलने एवं साइकिल का उपयोग करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कूड़ा-कचरा खुले में न जलाने, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और ऊर्जा की बचत के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रमों को रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रतियोगिता, चित्रकला एवं संवाद जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को न केवल स्वयं जागरूक बनने, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जा रहा है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि देहरादून की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद आवश्यक है। बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम उठाया जा सकता है।
नगर निगम देहरादून द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे कूड़ा न जलाएं, स्वच्छता बनाए रखें, निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करें और पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
