Pahaad Connection
Breaking News
Breaking Newsउत्तराखंडस्वास्थ्य और फिटनेस

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड के तहत संचालित समस्त कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक

Advertisement

देहरादून 05 जुलाई। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हेतु अधिकारी समयबद्ध तरीके से कार्य करें यह बात सुरेश भट्ट उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद, उत्तराखंड सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड के तहत संचालित समस्त कार्यक्रमों की तकनीकी, भौतिक और वित्तीय प्रगति पर समीक्षा बैठक का आयोजन करते हुए कही। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों जैसे मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग, आदि कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति, उनकी उपलब्धियों और आने वाली चुनौतियों पर समीक्षा की गई। श्री भट्ट ने कार्यक्रमों के निष्पादन हेतु अधिकारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हमारे सभी प्रयास जारी हैं। हमें इस दिशा में और अधिक समर्पण और सहयोग की आवश्यकता है।“ बैठक के दौरान विभिन्न अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें प्रमुख रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और उनकी सुधार की योजना शामिल थी। श्री भट्ट ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कोई भी कमी नहीं आने देगी और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। श्री भट्ट ने मानसून के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को जल जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण पर आदेशित करते हुए कहा, कि राज्य में डेंगू, मलेरियों, चिकनगुनिया जैसे रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक अभियान प्रदेशभर में चलाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए सराहा और आगे भी इसी तरह से कार्य करने की उम्मीद जताई।  बैठक में अमनदीप कौर, अपर मिशन निदेशक, एन.एच.एम.; डॉ आर.के. सिंह, निदेशक, एनएचएम; प्रभारी अधिकारी, एन.एच.एम. डॉ पंकज सिंह, डॉ फरीदुजफर, डॉ अर्चना ओझा, डॉ भास्कर जुयाल, डॉ मुकेश राय, डॉ उमा रावत, डॉ अकांक्षा निराला, आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 

Advertisement

 

 

Advertisement
Advertisement

Related posts

बाढ़ पूर्वानुमान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए : सचिव आपदा प्रबंधन

pahaadconnection

राधा के लिए प्रिशा शर्मा और कान्हा के रूप के लिए चिराग को किया गया प्रथम घोषित

pahaadconnection

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लेंगे प्रधानमंत्री

pahaadconnection

Leave a Comment