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मुख्य विकास अधिकारी ने तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर किया रवाना

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हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने संकुल स्तरीय सहकारिताओं से एक—एक पदाधिकारियों को तीन दिवसीय श्ौक्षिक भ्रमण के लिए रवाना किया।
आज यहां मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने जनपद की समस्त संकुल स्तरीय सहकारिताओं (सीएलएफ) से एक—एक पदाधिकारियों को अल्मोड़ा के लिए तीन दिवसीय श्ौक्षिक भ्रमण पर विकास भवन सभागार से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) ग्रामोत्थान परियोजना, और डीटीई (एनआरएलएम) सहित ब्लॉकों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य अल्मोड़ा में संचालित संकुल स्तरीय सहकारिताओं के उत्कृष्ट कार्यों और वहां अपनाई गई नवीनतम तकनीकों एवं सर्वाेत्तम प्रथाओं का अध्ययन करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रथाओं और तकनीकों को हरिद्वार जिले की सीएलएफ में लागू कर उनकी कार्यक्षमता और उत्पादकता को बढ़ावा दिया जाएगा साथ ही, इस विजिट का मुख्य फोकस सीएलएफ सदस्यों की आय में वृद्धि और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल हरिद्वार जिले में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल सहकारिताओं की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि हरिद्वार जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और सामाजिक—आर्थिक उन्नति के व्यापक उद्देश्यों को भी साकार करेगा। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण के दौरान हरिद्वार जिले के प्रतिनिधि अल्मोड़ा में कार्यरत विभिन्न सीएलएफ की कार्य प्रणाली, प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों का अध्ययन करेंगे। इन गतिविधियों के अन्तर्गत अल्मोड़ा जिले में उपयोग किए जा रहे उन्नत उपकरण और तकनीक जैसे कि प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, और मार्केटिंग में अपनाए गए आधुनिक तरीके, सीएलएफ द्वारा अपनाए गए व्यवसाय मॉडल, उनके संचालन और लाभ कमाने की विधियों तथा स्थानीय उत्पादों का अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही संपर्क एवं साझेदारी के आधार पर वहां के सीएलएफ सदस्यों और विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करेंगे जिससे नई योजनाओं और पहल को समझने में मदद मिल सके। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन टीम सीएलएफ को सशक्त बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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देहरादून। भारत में अध्यात्म की सुंदरता लुप्त हो रही है जिसे संजोने की जरूरत है, ये बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डा सुनील अंबेकर ने कही। डा अंबेकर देहरादून में विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता के रूप संबोधित कर रहे थे। डा. अंबेकर ने कहा कि भारत को जानने की जरूरत है जिसे आध्यात्म के जरिए ही जाना जा सकता है चिंता की बात ये है कि अध्यात्म की सुंदरता लुप्त हो रही है जिसे संजोने की संरक्षित करने की जरूरत है और इसके लिए अध्यात्म के लिए पुस्तके बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की अपनी जीवन पद्धति है लेकिन भारत की जीवन पद्धति ,भारत की जीवन शैली को अपनी संस्कृति परंपरागत तौर तरीके से रहने की है, यही हमारा व्यवहार है, उन्होंने कहा कि हमे आधुनिक होना चाहिए, अनुसंधान पर भी जाना चाहिए लेकिन नारो में बहना नही चाहिए। उन्होंने कहा कि हम तकनीक से आगे बढ़ते है, हम चांद पर भी पहुंचे है वो भी संघर्ष की यात्रा है,लेकिन हमने उतना ही संघर्ष श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए भी किया है, हमने अपनी संस्कृति अपने सनातन को नही छोड़ना है। डा अंबेकर ने कहा कि हिंदुत्व यात्रा का वर्णन हमारे ग्रंथों में है हम सभी को साथ लेकर चलते है, हमे सभ्यता हम संस्कृति की यात्रा हिंदुत्व में ही ढूंढते है, वही सही मार्ग, समानता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि हमारे त्यौहार समानता का व्यवहार है जो हमे जोड़ती चली जाती है। उन्होंने कहा कोई जादू नहीं था कि दुनियां ने योग को अपना लिया, योग शुद्धता का भाव लिए हुए था सब के लिए उपयोगी सबके लिए कल्याणकारी भी था ऐसे कई अनुसंधान ऐसे कई विषय है जो विश्व के कल्याणकारी होंगे और अब इसे विश्व स्वीकार कर रहा है। हमारे देश में हजारों लोगों ने राष्ट्र अराधना की है। उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोगो को भूलने की आदत है जिन्हे जगाना जरूरी है, जो कल तक ये भूल गए थे कि श्री राम कहां पैदा हुए, हुए भी कि नहीं? आज वही स्मृतियां वापिस आ रही है, कुछ लोग भारत 1947 के बाद के भारत को मानते है लेकिन भारत का इतिहास हजारों साल पुराना है। उन्होंने कहा नया भारत नई पीढ़ी का जरूर है लेकिन इस पीढ़ी को पुराने भारत के विषय में भी बताना जरूरी है। इस अवसर पर विश्व संवाद केंद्र की पत्रिका हिमालय हुंकार के दीपावली विशेषांक का भी विमोचन किया गया। साथ ही पूर्व आईएएस सुरेंद्र सिंह पांगती की पुस्तक साक्षात आदि शक्ति : उग्रावतारा नंदा का भी विमोचन किया गई। श्री रावत ने नंदा देवी के विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मेजर जनरल शम्मी सब्बरवाल ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुरेंद्र मित्तल ने सभी का आभार प्रकट किया। मंच पर विश्व संवाद केंद्र के निदेशक विजय, पूर्व आईएएस सुरेंद्र पांगती, रंजीत सिंह ज्याला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रांत मीडिया संवाद प्रमुख बलदेव पाराशर ने किया। कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक डा शैलेंद्र, क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम, सह प्रचार प्रमुख संजय, पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय आदि गणमानय व्यक्ति उपस्थित रहे।

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